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बीजेपी ने मंडी नगर निगम के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की

बीजेपी ने मंडी नगर निगम के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की
पालमपुर में 2 प्रत्याशी घोषित, बाकी सीटों पर सस्पेंस बरकरार
नामांकन शुरू, कांग्रेस-बीजेपी दोनों के कई टिकट अभी लंबित


हिमाचल प्रदेश में नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मंडी नगर निगम के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने खलियार वार्ड से रणवीर सिंह, पुरानी मंडी से सरिता हांडा और पड्डल वार्ड से निर्मला वर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है।

इसके अलावा नेला वार्ड से मंजू देवी, मंगवाई से कृष्णा ठाकुर, सरयारड़ से वीरेंद्र सिंह आर्य, तल्याहड़ से जितेंद्र सिंह, पैलेस कॉलोनी-1 से गुरदीप कौर, पैलेस कॉलोनी-2 से सुमन ठाकुर और सुहड़ा वार्ड से नेहा कुमारी को टिकट दिया गया है। वहीं समखेतर से जितेंद्र शर्मा, भगवाहन से गगन कश्यप, थनेहड़ा से रजनी शर्मा, बैहना से गुरबचन सिंह और दोहंदी से रीता देवी को प्रत्याशी बनाया गया है।

पालमपुर नगर निगम में भी बीजेपी ने दो प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया है। वार्ड नंबर 11 (राजपुर) से किरना देवी और वार्ड नंबर 15 से लता देवी को टिकट दिया गया है, जबकि अन्य वार्डों के उम्मीदवारों पर अभी मंथन जारी है।

वहीं धर्मशाला और सोलन नगर निगम में बीजेपी अब तक सभी प्रत्याशियों के नाम तय नहीं कर पाई है। चार नगर निगमों के कुल 64 पार्षद पदों के लिए चुनाव होना है, जिनमें से कुछ सीटों के टिकट आज शाम तक और बाकी कल तक फाइनल होने की संभावना है।

दूसरी ओर, कांग्रेस भी उम्मीदवारों के चयन में पीछे नजर आ रही है। हालांकि पार्टी ने धर्मशाला के कुछ वार्डों में टिकट फाइनल किए हैं, लेकिन मंडी, पालमपुर और सोलन में अभी तक अधिकांश उम्मीदवार तय नहीं हो पाए हैं। कांग्रेस ने भी आज शाम तक अधिकांश टिकट घोषित करने का दावा किया है।

इस बीच नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है29 और 30 अप्रैल तथा 2 मई नामांकन दाखिल करने की तिथियां तय की गई हैं। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों के पास उम्मीदवार तय करने के लिए सीमित समय बचा है। सभी दलों को दो मई तक अपने प्रत्याशी नामांकन दाखिल कराना अनिवार्य होगा।

चुनाव के बाद जिन दलों के सबसे अधिक पार्षद जीतेंगे, उसी के आधार पर संबंधित नगर निगमों में मेयर और डिप्टी मेयर का चयन किया जाएगा। ऐसे में टिकट वितरण को लेकर दोनों प्रमुख दलों में रणनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।